Internet Kya Hai और कैसे काम करते है? – What is Internet in Hindi

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Internet Kya Hai
Internet Kya Hai और कैसे काम करते है? - What is Internet in Hindi

Internet Kya Hai और कैसे काम करते है? – What is Internet in Hindi : दोस्तों आज की इस Article में हम जाने वाले हैं Internet Kya Hai और ए कैसे काम करते है? और Internet का शुरुआत कहां से हुई थी यानी कि Internet का क्या History था वह सभी के बारे में आज हम जानने वाले हैं. इसलिए इस Article को शुरू से लास्ट तक अच्छे से पढ़िए. ताकि आपका Internet से संबंधित जितना सवाल है वो आपअच्छे से जान सके. 

तो देखिए आपको पता होगा कि Internet आजकल के जमाने में हार Smart Phone मैं Provide किया जा रहा है. Internet के लिए आजकल यह जरूरी नहीं है कि हम Computer का इस्तेमाल करें. Internet को भी हम अपने Smart Phone पर भी इस्तेमाल कर सकते हैं. इसलिए इंटरनेट आजकल हर बच्चे से लेकर बड़े की जरूरत बन चुका है चाहे कोई Student हो, चाहे कोई Teacher है, चाहे कोई Researcher है, चाहे कोई Doctor है.

मतलब कोई भी जो भक्ति है आजकल हर व्यक्ति का जरूरत बन चुका है Internet क्योंकि Internet से माध्यम से हम अपने घर बैठे दूर-दूर आंतों की खबरों, या फिर पूरे विश्व में क्या चल रहा है इन सभी के बारे में हम Internet से घर बैठे जानकारी प्राप्त कर सकते हैं. इसलिए Internet जो है आज की समय में बहुत ही जरूरी चीज बन चुका है. और केवल जानकारी ही नहीं, इंटरनेट से आजकल लाखों लोग घर बैठे पैसा कमा रहे हैं और Internet से पैसा कमाने के लिए आजकल Internet बहुत जरूरत का माध्यम बन चुका है. तो इसलिए Internet आजकल सभी को बहुत ही जरूरी है. तो देखते हैं Internet Kya Hai ?

अनुक्रम

Internet Kya Hai – What is Internet in Hindi

Internet Kya Hai
Internet Kya Hai – What is Internet in Hindi

सोचना कि आदान-प्रदान का एक बेसबक Computer Network इंटरनेट कहलाता है, जिसमें सभी कंप्यूटर आपस में जुड़े रहते हैं. 

तो देखिए Internet का जब शुरुआत हुआ था, तब कुछ ऐसे नेटवर्क बनाया गया था जो एक केबल Organization है जो कि एक Area होता था जो कि वही पर चलता था लेकिन Internet एक ऐसा Network है जो कि पूरे विश्व को Computer को जोड़कर रखते हैं यानी कि जितने भी Computer है पूरे विश्व में उन सभी को आपस में जोड़ कर रखता है ए नेटवर्क. यानी कि सबसे बड़ा Network कहलाता है. 

Internet की अर्थ को सरल शब्दों में समझा जाए तो इसका मतलब International Network होता है. जो कि दुनिया का सबसे बड़ा नेटवर्क है और यह दुनिया की शादी Computer को Router और Web Server के माध्यम से आपस में जोड़ता है. 

तो देखिए जो Internet होता है वह International Network होता है.International मतलब पूरी दुनिया का नेटवर्क होता है. अरे आपस में सारे Computer को Routers और Web Server से जोड़ता है.

इंटरनेट का फुल फॉर्म केया है

दोस्तों केया आप जानना कहते हो Internet का Full Form केया है? तो चलिए मे आपको बता देती हु. Internet का Full Form होता है Interconnected Network. जोकि एक बोहोती बड़ा Network होता है. 

इंटरनेट का इतिहास

उसके बाद देखिए जो Internet है इसका शुरुआत कहां से हुई मतलब इसका History क्या रही इसके बारे में चलिए जान लेते हैं Internet की in Hindi :-

  • सबसे पहले इंटरनेट की शुरुआत अमेरिका सेना द्वारा पेंटागन अमेरिका की रक्षा विभाग में की गई थी. वर्ष 1969 में ARPA मतलब (Advance Research Project Agency ) नाम का Networking Project लांच किया गया था. 
  • जिसका इस्तेमाल युद्ध के समय बिना किसी मुश्किलों को गोपनीय सूचना भेजने और संचार व्यवस्था को सुरक्षित करने के लिए किया गया था. वही थोड़े समय बाद इस से मिलने बाले लाखों की देख शोधकर्ता, विज्ञानिक, मिलिट्री के लॉग और कॉन्ट्रैक्टरस इसका इस्तेमाल करने लगे. 
  • ARPA की कामयाबी के बाद इसे सामान्य जन जीवन के उपयोग करने के लायक बनाया गया. तब इसे नाम दिया गया ARPANET. यानी Advance Research Project Agency Network. America का विज्ञानिक लिवनेर्ड किलरक और पॉल बैरन तथा ब्रिटिश बिगनिक डोलॉन्ड डेविस और लॉरेंस रोबोट्स ने इस सिस्टम का Concept Design किया. 
  • सबसे पहले ‘Vinton Gray Cerf’ और ‘Bob Kanh’ नाम के दो सेक्स के द्वारा साल 1970 में इंटरनेट की शुरुआत किया गया था. इसलिए इंटरनेट का जनक भी कहा जाता है. 
  • रेटॉमलिंसन ने नेटवर्क के लिए पहला File Transfer(FTP) CPYNET तैयार किया था. रेटॉमलिंसन ने साल 1972 में पहला Email भेजा. हालांकि फार्म में इस तरह की Mail उसी उपयोगकर्ता को भेजा जा सकता थी जो ऐसे Computer का उपयोग करते हैं. इस दिक्कत से निजात पाने के लिए रेटॉमलिंसन ने @ का उपयोग किया. इसके बाद Mail को एक से दूसरे Computer और फिर बाद में एक से दूसरी देश बेचना सरल हो गया. 
  • ब्रिटिश डाकघर में पहले बाढ़ इंटरनेट का इस्तेमाल साल 1979 में नई प्रीतिजोगी की रूप में किया गया. उसके बाद हिंदी Computer तकनिकी मे तेजी से बिकास हुआ. 
  • National Science Foundation ने कुछ High Speed Computers को जोड़कर साल 1980 मे एक नेटवर्क (NSFNET) तैयार किया, जिसने बाद मे इंटरनेट (Internet) की निब रखी. वहीं इसी साल Bill Gates की Company Microsoft ने भी अपना Operating System IBM की कंप्यूटर पर लगाने का सौदा तैयार किया. 
  • साल 1984 में इस नेटवर्क से 1000 से ज्यादा निजी कंप्यूटर जोड़ गए, इसके बाद धीरे-धीरे इसका तेजी से विकास हुआ और आज इसकी दुनिया के सबसे बड़ा नेटवर्क का रूप धारण कर लिया है. 
  • आम जनता के लिए साल 1989 में इंटरनेट खोल दिया गया, जिससे इस्तेमाल बड़े सर पर लगे लोगों द्वारा Communication और Research के लिए किया जाता था. 
  • World Wide Web की खोज से इंटरनेट की साल 1990 में एक नई दिशा दे गई. इसके बाद इस खेतों में और अधिक तेजी से विकास होता चला गया. 
  • Sikhsha of Research से संबंधित सूचना को आदान-प्रदान के लिए हाई स्पीड नेटवर्क को विकसित करने की मकसद से साल 1991 National Research and Education Network ( NREN) का स्थापना की गई. 
  • इसके बाद साल 1993 में पहले Graphic Web Browser और Mosaic Software (MOSAIC) की खोज ने इंटरनेट की विकास की गति प्रदान की.

इंटरनेट की दुनिया में तेजी से नए-नए आविष्कार होते चले गए, और इसका तेजी से विकास होते चला गया, और आज दुनिया की सभी देशों का Network आपस में जुड़ गए, जिससे सूचना का आदान प्रदान, वित्तीय लेनदेन समेत तमाम ऐसे चीज सेकंड में जाने लगी है, जिसके बारे में पहले कभी कल्पना भी नहीं किया जा सकता थी. 

इंटरनेट कैसे काम करते है

दोस्तों आज की समय पर हम पानी के बिना 3 घंटे भी रह सकते हैं, बिना खाने के भी रह सकते हैं, लेकिन 30 Minutes इंटरनेट के बिना रहना बहुत मुश्किल है. लेकिन दोस्तो आपने कभी सोचा है कि इंटरनेट काम कैसे करते हैं? कैसे किसी को ज्यादा Speed मिलता है और किसी को कम मिलता है? क्यों अलग अलग Company अलग अलग Offers देते हैं? दोस्तो इंटरनेट का मालिक कौन है? इंटरनेट मेरे तक पहुंचता कैसे है? दोस्तों भारत को मिला के पूरे World जो Internet से Connected है. लेकिन आपने कभी यह सोचा नहीं है कि इंटरनेट काम कैसे करता है? 

आपको लगता होगा यह Satellite से चलता होगा. आपको लगता होगा दुनिया में जो Network विषय हुए हैं वहां से चलता होगा. लेकिन शायद आपको नहीं पता होगा 99% इंटरनेट वह चलता है Optic Fiber Cable से. अब आप बोलोगे मैं तो Mobile से इंटरनेट चलाता हूं मेरे Mobile पर क्या Cable Connected है? तो देखो जिस भी Tower से आपको Network आते हैं वह Tower से लेकर पूरी एक Cable बिछी हुई है जहां तक आपको जाना है. 

अब मैं आपको बिल्कुल आसान तरीके से सारे चीजें समझाता हूं, दोस्तों अब तक को Internet आते-आते 3 Company को गुजरने पड़ता है. पहला होता है TR-1 Company:- एबो Company है जिसने पूरी दुनिया में समुद्र के अंदर Cables बिछा के रखा है. अब तो देखो इंटरनेट जो होता है वह पूरा Free होता है. अब आप बोलोगे Internet Free कैसे होते हैं? अब अगर घर में हो और आपकी Office घर से 2 KM दूर है तब आपकी घर से आपके Office तब एक Line बिछा दो और उस Line के Through आपकी दोनों Computers को Connect कर दो.

और बोल दो इंटरनेट है. तो इसमें आपका सिर्फ पैसा लगा उस Wire का और उसका Repair खर्च का. इसी तरीके से जो TR-1 Company होता है उन्हें क्या किया सारे देश की बीच में सारे समुद्र के नीच से उसने Optic Fiber Cable बिछा दी. अब इससे सारे एक तरीके से Connected हो गया देश से देश. अब County से आपको States में David करना है States से आपको City पै David करना है और उस City से आप तक पहुंचता है. इसी तरीके से इंटरनेट काम करता है. 

भारत में इंटरनेट कब शुरू हुआ था ?

हमारे देश में वर्ष 1980 में इंटरनेट की शुरुआत हुई, जब Education Research Network (ERNET) Project प्रारंभ हुआ. इस Project की भारत सरकार और UNDP की मदद से प्रारंभ किया. 

भारत में विदेश संचार निगम लिमिटेड (BSNL) द्वारा टेलीफोन लाइन की जरिए भारत में सबसे पहले इंटरनेट का इस्तेमाल 15 August साल 1995 में किया गया था. शुरुआत में देश में करीब 20-30 Computers ही इंटरनेट से जुड़ सकते थे. 

उस वक्त सिर्फ जरूरी सूचना के आदान-प्रदान के लिए इसका इस्तेमाल किया गया था और सिर्फ कुछ बड़े-बड़े संस्थानों और Colleges कोई इंटरनेट से जुड़ा गया था. वही शुरुआत में इसका Speed भी बहुत कम थी. इसके बाद जैसे-जैसे इंटरनेट का भारत में विकास होने गया वैसे-वैसे इंटरनेट की Speed भी बढ़ते गया. 

90 के दशक में भारत में इंटरनेट का तेजी से विकास हुआ और इसकी पहुंच देश के कोने कोने में हो गई. वही आज इंटरनेट का इस्तेमाल लोग सूचना के आदान-प्रदान, शोध और शिक्षा के लिए ही नहीं करते हैं बल्कि इंटरनेट के माध्यम से आज लोग लाखों – करोड़ों रुपए घर बैठे ही कमर है. आज दुनिया में ऐसा कोई भी क्षेत्र नहीं है जहां इंटरनेट का इस्तेमाल नहीं होता है, इसलिए इंटरनेट को आप तक दुनिया की सबसे बड़े और अच्छे अविष्कारों में एक माना जाता है. 

Internet के लिए Requirements केया है?

Requirements की अगर बात करें हम. Requirements का मतलब क्या होता है? आप अगर एक Internet Connection लेने जाओ तो किस किस चीज की जरुरत पड़ता है उसे हम बोलेंगे Requirements. 

  1. ISP
  2. Connection
  3. Connection Line
  4. Modem
  5. PC
  6. Browser
  7. Search Engine
  8. Website
  9. Webpage

ISP केया है

तो सबसे पहले Internet का जो Service Provide करेगा आप उसके पास सबसे पहले जाओगे. तो उसे हम बोलेंगे ISP. ISP का फुल फॉर्म केया होता है?:- Internet Service Provider. मतलब Internet सेवा दाता Company को हम बोलेंगे ISP. तो ISP की बात करें तो वो BSNL हो सकता है, Airtel हो सकता है, आजकी समय मे बात करे तो Jio हो सकता है. ए सवी ISP है. इनके पास हम जायेंगे किसके लिए Internet Connection के लिए. 

Connection केया है

ISP के बाद हम लेंगे Connection. अब Connection कैसे लेंगे? आपको पता होगा की Plans कौन कौन चल रहा है तो Plan हमने Selected किया. 

Connection Line केया है 

उसकेबाद Connection Line. यतो हम Wireless ले सकते है याफिर Ware बाले ले सकते है. Ware मे आपको 3 प्रकार की चीजे मिलेगी. 

Modem केया है

और उसके बाद हमें जुरअत पड़ेगी Modem की. अब Modem केया होते है? देखिये Internet जो है वो हम Computer मे इस्तेमाल करेंगे और Internet Connection कैसे आएगा? Telephone Line से. अपने तो देखा होगा Telephone Line मे कैसे Signal वेजा जाते है? Analog Signal और हमारा Computer समाज राहु है Digital Signal. दोनों मे जो Connection है उसके बिच मे एक Modem लगाया जाता है.

अब देखो Modem केया करता है? हम तो जानते है की 2 शब्दो से बने है जोकि है :- 

  1. Mo
  2. Dem
  • Mo: Mo का मतलब होता है Modulation. 
  • Dem: और Dem का मतलब होते है Demodulation. 

तो 2 चीज Modulation और Demodulation से Modem बना है. अब Modulation का मतलब समझ लेते है. तो Modulation का मतलब होता है की जैसे Computer से Digital Network गया और Modem से वो परिवर्तित होकर Analog मैं चला जा रहा है. तो इस Conditions को हम बोलते हैं Modulation. 

और अगर Analog Signal जोकि Digital Signal मे परिवर्तित हो रहा है, तो उसको हम बोलते हैं Demodulation. तो मिलाकर जो बाते है वो है Modem. तो ए Modem का मतलब हो गया. 

PC केया है

उसके बाद हमको किसकी जरुरत पड़ेगी? एहपर अगर हमें Internet इस्तामल करना है तो सबे पेहेले ISP के पास गए हम, उनसे Connection लिए. Connection के बाद Connection Line पर गयी. उसके बाद हम Modem का Use किये. Modem के बाद हमें PC की जरुरत पड़ेगी. PC की जरुरत आपको केउ पड़ेगी? हमको Personal Computer मेही तो हमें Internet, चलना है. तो आपको Personal Computer की जरुरत पड़ेगी. 

Browser क्या है

अब Personal Computer के बाद आपको Software की जरुरत पड़ेगी. Software कोनसा होना चाइये? Software होना चाइये Browser. तो Browser कोनसा होता है? Browser आपका Google Chrome हो सकता है उसकेबाद Mozilla Firefox हो सकता है याफिर Safari हो सकता है बोहोत सारे ऐसे Browser है जो उपलब्ध होते है हमारे पास Free मे. तो उसको हम बोलेंगे Browser. 

मतलब एक तरीकेसे हम बोले, Internet पर उपलब्ध सूचनाको Download करनेके लिए इनका उपयोग किया जाता है. ए सुचना को देखनेके लिए Browser का उपयोग किया जाता है. 

Search Engine क्या है

अब बात करलेते है Search Engine की. Search Engine होते केया है? Search Engine का मतलब होता है Browser को अगर हम Open करते है तो बहपर एक Software Open होता है. एक Platform की बात करें हम, तो एक Platform की माध्यम से हम केया करते है? कोई सुचना को हम Search करते है. हमने जो सूचना को Request करते है उसको हमारे सामने प्रदर्शित करते है. उसको हम बोलेंगे Search Engine. जैसेकि Google, Yahoo, Bing ए सब जो है Search Engine है. बोहोत सारे Search Engine है उनके नाम हम आगे देखेंगे. 

Website क्या है

फिर बात करते है Search Engine किसको लाएगा जो Internet पर होंगी. Internet पर जो सुचना होते है उनको हम बोलते है Website. तो Website की Form मेही सारे सुचना उपलब्ध होती है. 

Webpage क्या है

और Website मिलकर बाते होते है Webpage से. अब Webpage की बात ham देखे तो Webpage, मिलकर बनाहोता हट किस्से? HTML tag से. 

Internet और Intranet मे केया अंतर है ?

Internet Kya Hai
Internet और Intranet मे केया अंतर है ?

अब हम बात करलेते है Internet और Intranet की बारेमे. 

Internet का अर्थ

  1. Internet एक Worldwide /Global System जोकि Computer Networks के साथ Interconnected रहता है.
  2. ए एक Standard Protocol इस्तेमाल करते है. जिसका नाम है :-TCP/IP
  3. सारे Computers को Internet पर Unique IP से Identified किया जाता है. जैसेकि:- 111.22.33.123 जोकि एके Computer की Location को Identity करता है.
  4. एक Special Computer DNS को इस्तेमाल किया जाते है एक नाम को एक IP Address. इसे उस User एक नाम से Locate किया जाते है. 
  5. एक उदहारण से समझाता हु, एक DNS Server एक नाम को Resolve करते है https://technorulz.com एक Particular IP Address पै जिससे कहासे उस Website Hosted है वो पता चले. 
  6. Internet को पुरे पृथ्वी मे कोईवि कहासेवी इस्तेमाल कर सकते है. 

Intranet का अर्थ

  1. Intranet एक ऐसा System है जिसमे बोहोत सारा PCs Connected रहता है एक दूसरे से. 
  2. ओर Intranet World Wide Available नहीं होता है. ए कोई एक Particular Organization मतलब एक Company होसकता है, कोई Particular भक्ति इसका संचालन कर सकते है. 
  3. आसानीसे हर Organization का एक खुदका Intranet Network होते है जिसको हर Member, Employees उसको Excess कर सकते है. 
  4. इस Network मे हर Computer के लिए एक Unique IP Address होते है. 

Internet और Intranet मे केया अंतर है ?

  • Internet पै सारे PCs जो होते है वो All Over Connected रहते है लईकिन Intranet मे काम PCs रेख्ता है. तो बड़ा Area होते है internet का और छोटा Area होते है Intranet का. 
  • Internet को बोबोट सारे लोग Excess कर सकते है लईकिन Intranet मे Restricted रहता है. यहापर हम इसप्रकार का काम ज्यादा नहीं कर सकते है. 
  • Internet जो है वो Safe नहीं है एक तरीकेसे. मतलब बहपर जानकी चोरी होने का डर होता है याफिर बोहोत सारे खतरे हो सकते है. लईकिन जो Intranet होता है वो एक तरीकेसे Private और सुरक्षित होते है. 

ISP केया Service देते है ?

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ISP केया Service देते है ?

Internet Service Provider(ISP) एक Company होते है जो Internet को Access करनेके लिए Offer करते है. ISP बोहोत तरीकेका Service देते है. जैसे की :-

  1. Internet Access
  2. Domain Name Registration
  3. Dial Up Access
  4. Leased Line Access

Internet Access क्या है

ISP हमें Internet को Access करनेका मोके देती है. 

Domain Registration क्या है

इसका मतलब होते है, मानलो मे अपनी Information को Online पर सबको प्रदान करना छाती हु तो मेरा एक Unique नाम होगा. उसे हम बोलेगे Domain Name. और उस Domain Name को Register जो Process है उसे हम बोलेंगे Domain Name Registration. 

Dial Up Access क्या है

अब Dial Up Access का मतलब केया होता है? आप Dial करकेवी Internet को चला सकते है. जिसे हम बोलते है Dial Up Connection. हलाकि पहले हम उसी का उपयोग करते थे. और पुराना Technology होनेके कारण आज हम Advance होगए है. इसे Telephone से एक Number बार बार Dial करना परता है और जिसही वो Received होजाता है उसकेबाद हमारे Computer मे Internet चालू होजाते है.

Leased Line Access क्या है

इसका मतलब कोईवि Company अपना एक Network को खरीद लेता है कुछ समय के लिए Rent पै लेना बोल सकते है हम. उसे हम बोलेेंगे Leased Line Access. ए सारे सुविदा आपको प्रदान करता है ISP. 

ISP कितने प्रकार का होता है ?

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ISP कितने प्रकार का होता है ?

इसके एलाबा ISP के प्रकार आपको पूछा जाये. तो ISP के प्रकार बोहोत सारे हो सकते है मतलब वो केया केया काम करती है उसकी काम की अनुसार इसका प्रकार बनादिये गयेहै. जैसेकि:-

  1. Access Providers
  2. Mailbox Provider
  3. Hosting ISPs
  4. Virtual ISPs
  5. Free ISPs

Access Provides क्या है

तो पहला ISP का जो प्रकार है वो है Access Provides. मतलब हम अगर Internet को Access करना चाइये तो वो Access कौन कौन Provide करसकता है. इसमें आपको Telephone Lines, Cable Wifi Or Fiber से मिल सकता है. तो ऐसा भी चीजों के माध्यम से ISP Internet को Access करनेका सुविदा प्रदान करता है. 

Mailbox Provides क्या है

फिर बात करते हैं कि Mailbox Provides के बारेमे. ए जो है वो हमें Mailbox Hosting Service Provide करते है. हमारा जो Message है उसको हम Host कर सकते हैं. यानी कि Service जो रहता है Hosting की, Hosting का मतलब क्या होता है? ऐसी जगह जहां पर Server भर पर हमारा जो Data है.

और उस Data को रखने के लिए कुछ जगह मिलता और उसके लिए पैसा देना पड़ता है. अब आपने हिसाब से 1 GB ,10 GB ,15gb ले सकते हैं. हालांकि अभी भी बहुत कुछ Company है जो कि Free में देते हैं. 15 gb तक का Mailbox Free में देते हैं. 

Hosting ISPs क्या है

अभी मैंने आपको बोला है कि अगर आपकी Data को सर्फर पर रखना है तो उसके लिए आपको जागे लेना पड़ता है, उसको बोलता है Hosting. 

Virtual ISPs क्या है

इसके अलावा आप देख सकते हैं Virtual ISPs. यह हमें बहुत कुछ सुविधा देता है जैसे कि हमारे जो ISP मतब Service Provider है उसके अलावा आप आ गए चाहते हैं कि Other ISP सेवी Internet की Service प्रदान करना चाहते हैं जोकि आपको Virtual ISPs प्रदान करते है. 

Free ISPs क्या है

Free ISPs केया करते है? ए Free जो होते है इसलिए इसका Charge नहीं लगते है. ऐसे बोहोत सारे चीजे Free मे प्रदान किया जाता है. तो ए हो गया ISP के प्रकार. 

Connection कितने प्रकार का होते है ?

Internet Kya Hai
Connection कितने प्रकार का होते है ?

अब बात करलेते है Connection के प्रकार. Connection का प्रकार बोहोत सारे है जैसेकि:- 

  1. Dial-up Connection
  2. Integrated Services Digital Network
  3. Digital Subscriber Line
  4. Cable TV Internet Connections
  5. Satellite Internet Connections 
  6. Wireless Internet Connections

Dial Up Connection क्या है

तो सबसे पेहेले हमारा जो Connection है जोकि है Dial Up Connection. Dial Up Connection Telephone Line की माध्यम से जो PC होते है उसको Access करते है. तो यहापर Modem का जरुरत परते है. Modem केही माध्यम से हम Dial Up Connection को Setup करसकते है. और Modem जो है वो PC और Telephone Line की बेच मे Interface की रूपसे काम करतव है. 

अब Dial Up Connection केया होते है? वो आपको पता होना चाइये. ISP से हंव एक Number प्रदान किया जाते है और उस Number को हम एहसे Dail करते है और Request जाते है ISP मे बहस उसको Access किया जाता है और इसे हमारे Computer मे Internet Access किया जाता है. तो ऐसेमेही बार बार Number Dial कर्मा परते है अपने Computer मे Internet को Access करनेके लिए. तो उसेही हम बोलेंगे Dial Up Connection. 

ISDN क्या है

इसके बाद है ISDN. तो ISADN जो होते है एक प्रकार से जब Modem होते है, Modem की बदले मे हमें ISDN Adapter का उपयोग किया जाता है. ISSN का Full Form है:- Integrated Services Digital Network. ए एक Convert की रूप मे काम करते है.

ए पहले Phone Line से Digital Signal को लेके उसको Analog Signal मे Convert कर देते है. इसेंव जोवी High Quality Image, Video जोवी है उसको हम आसानीसे एक जगे से दूसरी जगे पै वेज सकते है. 

DSL क्या है

इसके बाद आते है DSL. ए एक प्रकार का Broadband Connection है. इसको Shot मे हम बोलते है DSL लईकिन इसका पूरा नाम है Digital Subscriber Line. जोकि Ordinary Telephone Line से Connected रेते है. 

Cable TV Internet Connection क्या है

अब Cable TV Internet Connection केया है? अपने देखा होगा जब आप Set Top Box की माध्यम से TV को Connected करतव है तो आपकेपास एक Ware रेता.

उसी Cable की माध्यम से हम TV चला सकते है. Internet Connection जोवी है उसको हम Access कर सकते है. ए सवी होते है Coaxial Cable की माध्यम से. इसे हम बोलते है Cable TV Internet Connection. 

Satellite Internet Connection क्या है

Satellite का मतलब केया है? उपग्रह. तो उपग्रहों जो होता है उसको संचार के लिए बहुत ज्यादा मना जाते है. Satellite की माध्यम से हम सुचना को एक जगे से दूसरी जागव पै वेज सकते है. ए Satellite Internet Connection हमें High Speed Internet का Offers करती है. ए Satellite Internet Connection 2 प्रकार का होते है:- 

  1. One Way Connection
  2. Two Way Connection

Wireless Internet Connection क्या है

उसके बाद है Wireless Internet Connection. इसमें Radio Frequency की माध्यम से High Speed Internet को Access करते है. ए जो Wireless Internet Connection 2 तरीकेसे वेजा सकतव है. जैसेकि:- 

  1. Wifi
  2. Bluetooth

VSAT क्या है

उसके बाद बात करलेते है VSAT के बारेमे. आपने देखा होगा कि भारत में कई जगह पर बहुत बड़े बड़े पहाड़ होने के कारण में वहां पर Internet Access करना Problems हो जाता है.

उन्हीं जगहों पर Satellite की माध्यम से Internet को भेजा जाता है जिसको बोलते हैं VSAT. VSAT का Full Form होते है :- Very Small Aperture Terminals. तोड़ दूर-दूर आंतों की जगह पर Internet को Access करने को कहलाता है VSAT. 

URL क्या है

फिर बात करते हैं Url की. तो Url का Full Form क्या होता है? :- Uniform Resources Locator(URL)

  • जितने भी Documents Internet पर होते है वो सवी एक एक Unique Address पर होते है. और जो Address होता है वह हम जहां पर Type करते हैं उसको हम Url कहते हैं. 
  • HTML/XHTML tags, Hyperlinks, Inline Images, Forms ए सारे चीज जो URL पर रेते हट.और एसआरएसईसी हमको कहां से मिलेगी? URL से मिलेगी. चाहे वह HTML याफिर XHTML की Form मैं होगी. और जितने भी सारे Source है वह सभी हमें URL से ही मिलते हैं. और इसे हम Uniform Resources Locator भी कहते हैं. 
  • तो Web Browser हम सारी चीजें Type कर सकते हैं तो वह Search करके हमारे सामने लेकर आ जाएगा. 

Web Portal क्या है

उसके बाद बात करते हैं Web Portal क्या होता है? हम देख सकते हैं कि Web Portal को Same Website की तरीके से Design किया जाता है और जहां पर एक ही जगह पर सारी चीजें मिल जाती है. तो उसको हम बोलसक्ते है Web Portal. 

मान लो एक Website है जहां पर और भी जितने भी कीमती Website है उनका Links जुड़े हुए हैं. Website को आकर हम Center Point पर खोल लेते हैं तो हम उस Website से साड़ी जो Links से और जी Website का वह हम एक साथ में खोल सकते हैं. 

Internet Applications कितने प्रकार का होते है ?

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Internet Applications कितने प्रकार का होते है ?
  1. Communication
  2. Job Search
  3. Finding Books and Study Material
  4. Health and Medicine
  5. Travel
  6. Entertainment
  7. Shopping
  8. Stock Market Updates
  9. Research
  10. Business

Communication क्या है

सबसे पहले अगर हम बात करें तो Communication कर नेके लिए. एक जगे से दूसरी जगे पै Communication करना है तो तब Internet का सयता लेना परता है. 

Job Search क्या है

2nd अगर बात करें तो Job Search करनेके लिए. आजकी समय मे अपने तो देखा होगा की कोईवि जगपे Vacancy खाली है या नहीं वो Search करनेके लिए Internet पर Search करना परते है.

Finding Books and Material क्या है

उसके बाद है कोईवि Books याफिर कोईवि Material को Find करनेके लिए Internet का इस्तेमाल किया जारहा है. आजकी समय पै बोहोत सारे लोग ऐसे होंगे की जो Online Internet पर Books धुनते है याफिर परते है. तो उसके लिए Internet का जरुरत परता है. 

Health and Medicine क्या है

फिर देख सकते है, Health के समन्धित याफिर Medicine से समन्धित कोईवि जानकारी चाइये होते तो आजके समय पर हम सबसे पेहेले Internet पर Search करते है. कोईवि Health Tips के लीएवी हम आज Internet पर Search करते है. 

Travel क्या है

आपको कोई Ticket Book करना है याफिर Travel से समन्धित कुछ जानना है तो आज हम Internet से आसानीसे करते है. अगर हमें कोईवि जगोपे जाना है तो हम जानेसे पहले Internet से उस जगाओकी बारेमे सब जानलेते है. 

Entertainment क्या है

आज की समय पर Entertainment करनेके सारी चीजे जो हमें Internet पर मिल जाता है. जैसेकि :- कोईवि Movie, Games ऐसे बोहोत सारा चीज. 

Shopping क्या है

आज बोहोत सारे लोग Offline से ज्यादा Online से Shopping करते है तो उसके लिए Internet का जरुरत परते है. Internet पर कुछ Products खरीदना है तो हम उससे पेहेले Internet से उस Product की बारेमे सारी जानकारों आसानीसे जानलेते है. 

Stock Market Updates क्या है

उसके एल्वा Stock Market की कोई Updates जानना है तो हम सबसे पेहेले Internet पर Search करते है. जिसके लिए Internet का जरुरत परता है. 

Research क्या है

आजकल कोईवि Research करनेके लीएवी Internet का इस्तेमाल किया जारहा है. उसके लिए Internet का जरुरत परते है. 

Business क्या है

Business करते समय कोईवि Payment लेना हो याफिर Online Payment वेजना हो तो तब Internet का जरुरत परते है. कोईवि Employe को उसका Salary Online Pay करनेके लीएवी Internet का जरुरत परते है. तो जब चीज के लिए हमें Internet का इस्तेमाल करना परते है. 

Email क्या है

  • Email एक तरीके का एक Service है जो Allow करते है Electronic तरीकेसे Message को Internet का उपयोग करके अगर जगे से दूसरी जगे पै वेजनेके लिए. मतलब Internet का उपयोग करके हम सुचना को एक स्थान से दूसरी स्थान पै वेज सकते है. तो उसे हम बोलेंगे Email. 
  • और ए एक तरीकेसे Efficient होते है, Expensive होते है मतलब एक प्रकार से वरोसे मन वी होते है और इसे खर्चा की काम आजाता है. ए सूचनाको Real Time मे Distributing कर देत है. बोहोत सारे Website ऐसे है वो की Free मे Email का Service Provide करते है. 

Email Address क्या है

  • प्रत्येक User को अगर उनके लिए Email बनाना है तो सब को एक एक Unique Name दिया जाता है उनकी Email Account के लिए. उस नाम को Email Address की नाम से कहाजाता है. अलग अलग Users अलग अलग Users को Email Send करसते है और Received वी कर सकते है. Email Address की माध्यम से एक User दूसरे User को Email वेजसकते है. 
  • E-mail का Structure ठीक इस तरीके का होते है:- username@domainname.
  • एक उदहारण देखलेते है, 
  • technicalscope@technorulz.com
  • उस E-mail Address मे जो technicalscope है वो है Username और technorulz.com ए है domain Name. 

E-mail Message Components क्या है

उसके बाद बात करते है, Email Message Components के बारेमे. जोकि है:- 

  • E-mail Header
  • Greeting
  • Text
  • Signature 

E-mail Header क्या है

तो Email Header की बार करे, तो Email Header मे केया होते है? :- Email Header मे जोते है To, Cc, Bcc इसके एलावा Photo & Documents और एहपर Date वी होते है. E-mail Send करनेके बाद Data अति है. अब To का मतलब होते है :- जिसको हमने Mail वेजना है. अब Cc का मतलब होते है:- उसकी Carbon Copy जिसको वेजना है उसका. और Bcc मतलब उन दोनोको ना पता चले अगर ऐसे भक्ति को वेजना है तो तब Bcc का इस्तेमाल किया जाता है.

उसके आपको Subject देना है. आप जिस चीजके ऊपर वेज रहे हो उस चीज का Subject देना है. उसकेबाद Greeting लिखना है. जैसेकि :- Hello Sir, Good Morning ऐसे बोहोत सारे. उसके बाद होते हट Text. उसकेबाद आपका Signature. Signature का मतलब होते है ए आपके पेचान होते है. मतलब आपको नाम नहीं लिखना है. आपको ना कुछ बताना है. ए देखकर सामने बाला बाकि समाज जायेगा की किसने Mail वेजा है. उसकेबाद आप अगर कुछ Attachment Add करना कहते हो तो आप Add कर सकते हो. और ए सारे चीज डंके बाद आप Mail को Sent कर सकते है. तो ए होगया Email का Components. 

Online Chatting क्या है

  • Online Chatting एक Text Based दो लोक याफिर ओरवी लोगो मेसे Communication है और उस Text को Real Time मे Delivered किया जाता है और तुरंत उसका Response पाते है. 
  • Talkomatic जोकि Word का पहला Online Chatting Systemt है. इसको Developed किये थे Doug Brown और David R. Woolley साल 1973 मे.

Web Based Chat Services कोनसी कोनसी है

WWW क्या है

  • WWW इसका Full Form है World Wide Web
  • Internet पर जोवी सुचना है वो Hypertext की Fomart मे होते है. 
  • Founder:- Tim Berners-Lee
  • Organization- World Wide Web Consortium(W3C)
  • हम वक प्रकार से WWW को बरामवन्त ब्रमवृंद है किसका? जहा सुचना रेती है उसका ब्रमवृंद. 
  • World Wide Web एक ऐसा रास्ता है जो Exchange करते है Internet पर जितनेवि सुचना है उसके साथ Internet पै जितनेवि Computers है. 
  • Internet और Web एक चीज नहीं है:Web – Internet  इस्तेमाल करते है सूचनाको वेजनेके लिए याफिर दिखा नेके लिए. 

Web Browser क्या है

इसके एलाबा हमारा Next Topic है Web Browser. तो चलिए जान लेते है :-

  • Web Browser एक Application Software है जो हमें देखनो Allows करते है Internet पर जोवी सुचना है उसको देखनेके लिए और Explore, करनेके लिए. User जो है वो कोईवि Web Page को Request करसकते है सिर्फ उसका Address Bar मे Url डालके. 
  • Web Browser हमें Text, Audio, Video, Animation ओरवी बोहोत कुछ दिखाते है. इसका काम होते है Internet पर उपस्थित सवी चीजे हमें दिखाना.
  • इसे पेहेले Web Browser Text Based था लईकिन अभी आजकी समउ पै ए Graphical Based और Voice Based Web Browser वी हो गया. 

कुछ अच्छे Browsers की नाम 

Browser Vendor
Internet Explorer Microsoft
Google Chrome Google
Mozilla Firefox Mozilla
Netscape Navigator Netscape Communications Crop
Opera Opera Software
Safari Apple

HTTP क्या है

  • इसको Hypertext Transfer Protocol (HTTP) Internet पर सुचना को एक जगेसे दूसरी जगे पै Transfer करनेमे उपयोग किया जाता है. ए एक तरीकेसे Application Level Protocol है. 
  • ए एक Foundation है Data Communication के लिए World Wide Web पर. साल 1990 से. 
  • HTTP एक TCP/IP Based Communication Protocol है जिसको इस्तेमाल किया जाता है Data को Deliver करनेके लिए World Wide Web पर. जैसेकि:- HTML Files, Image, Files, Query Result ऐसे बोहोत चीज. ) 
  • ए Standardized सड़क है एक Computer से दूसरी Computer के साथ Communication करनेके लिए.

OSI MODEL क्या है

अब बात करते हैं OSI MODEL के बारे में. इसका Full Form होते है:- Open System Interconnection

  • इस International Started Organization इसका एक अच्छा Defined Model है Communication Systems के लिए जिसको हम जानते है Open System Interconnection याफिर OSI Model. 
  • इस Layered Model एक Conceptualized View है कैसे एक System Other System से Communicate करते एक दुसरेसे और अलग अलग Protocol का इस्तेमाल करते है उसको Defined करनेके लिए एक दुसरेसे. 
  • हर Layer को Designated किया गया है की अच्छी से Communication System को Defined करसके. 
  • जैसेकि मानलो, Physical Layer जो Defines करते है सवी Components को Physical Nature की एक Communication System की. जैसेकि:- Wires, Frequency, Pulse Codes, Voltage Transmission ऐसे बोहोत चीज.

OSI Model मे कितने Layer होते है?

OSI Model 7 Layer का Collection है. जैसेकि:- 

  1. Physical
  2. Datalink
  3. Network
  4. Transport
  5. Session
  6. Presentation
  7. Application 

Physical Layer (Layer-1): इस Layer Deal करते है Hardware Technology और Actual Communication Mechanism के सत Signaling, Voltage, Cable Type और Length ऐसे बोहोत कुछ. 

Data Link Layer (Layer-2): ए Layer RAW Transmission Data(Signal Pulse Etc)को लेते है Physical Layer से और Date Frames बनाते है और उसको Upper Layer मे वेजते है. इस Layer सवी Transmission Errors को Check करते है और उसको Sorts Out Accordingly करदेते है. 

Network Layer (Layer-3): इस Network Layer बोहोत Responsive होते है Data को एक Host से दुसरी Host पै लेजानेके लिए. और जिस Address पर हमें वर्जना है वो उसको Identity करलिती है. 

Transport Layer (Layer-4): जो End – End Date होते है उसको Delivery करनेका काम करते है. इस Layer Above Layer से Data लेके छोटे छोटे Units मे Convert करदेते है जिएको हम बोलते है Segments और उसकेबाद इसको Network Layer को देते है Transmission के लिए. 

Session Layer (Layer-5): इस Layer Session Management Capabilities देती है Host मेसे. एक उदहारण:- अगर कोई Host को Password Verification चाइये उसको Access करनेके लिए अगर उस Candidates देते डे उसके बाद Verification और कविवि नहीं होंगी. इस Layer Assist करते है Synchronization, Dialog Control और Critical Operation Management के लिए. 

Presentation Layer (Layer-6): इस Layer मदत करते है समझनेके लिए Data Representation एक Host से दूसरे Host मे. किस प्रकार से Data को Representation करवाना है उसका काम करते हैं. 

Application Layer (Layer-7): सबसे Last में होता है Application Layer. जिसकी माध्यम से हम Data को दिखा सकते हैं उसको हम बोल सकते हैं Application Layer. जैसेकि:- HTTPS, File Transfer Application (FTP) और Electronic Mail वेजनेका ओरवी बोहोत सारे काम करते है. 

Protocol क्या है

Internet Kya Hai
Protocol क्याProtocol क्या है है

World Wide Web अर्थात Internet मे Information या Data का आदान प्रदान करने के लिए Protocol की जरूरत रहती है. 

  • इसका कुछ Rules यानी कि नियम होते हैं. जैसे Traffic Police कुछ Rules को Follow करते हैं, वैसे भी Internet मैं भी Data Exchange करने के लिए Rules बताया जाते हैं, इस काम को Protocol करते हैं. 
  • Protocol, Computer Science और Internet की दुनिया में इस याब्द का बोहोत ज्यादा जोगदान है. 
  • जब आपस में बात करते हैं तब भी हम Grammar की स्थान में रोज की बातें बोलते हैं. अगर हम बिना Grammar कि बातें करें तो वह बातें सही से नहीं होता है. उसी प्रकार इंटरनेट पर भी ऐसे ऐसे Rules Follow किए जाते हैं. 
  • Internet में अगर कोई भी Information (Text, Image, Audio, Video) को भेजा जाता है तो Sender और Receiver Computer देना है. उस Information और Data को User की Computer पै अच्छी तरह से Format करके Display करबाने के लिए Protocol का इस्तेमाल किया जाता है. 
  • जब Google Chrome Browser के Open करके किसी Website का नाम डालते है बहा HTTP/HTTPS नजर आते है. 
  • (https://technorulz.com) जिसका पूरा नाम है Hyper Text Transfer Protocol. 
  • ऐसे कई दूसरे Protocol है जिसे FTP (File Transfer Protocol), PPP (Point to Point Protocol), SMTP (Simple Mail Transfer Protocol). ए एक तरीके का Global Standardization है. 

Protocol कितने प्रकार का होते हैं ?

  1. TCP (Transmission Control Protocol)
  2. IP (Internet Protocol)
  3. POP (Post Office Protocol)
  4. SMTP (Simple Mail Transfer Protocol)
  5. FTP (File Transfer Protocol)
  6. HTTP (Hypertext Transfer Protocol)
  7. Ethernet
  8. Telnet
  9. Gopher 

इसके अलावा और भी कुछ Protocol है जैसेकि:-

  1. IMAP (Internet Message Access Protocol)
  2. UDP (User Datagram Protocol)
  3. MAC (Media Access Content Protocol)
  4. ARP (Address Resolution Protocol)
  5. DNS (Domain Name System Protocol)
  6. IGMP (Internet Group Management Protocol)
  7. SSH (Secure Shell)
  8. SSL (Secure Sockets Layer)
  9. RIP (Routing Information Protocol)

Transmission Control Protocol (TCP) क्या है

  • ए एक जैसा Protocol है जिसकी Computer Network मे इस्तेमाल किया जाता है. 
  • ए Protocol Sender से जब तक Message Receive होती है तब TCP Message की छोटे-छोटे पैकेट में Devide कर देता है.
  • उस Packet का Unique Serial Number होते हैं. जिसे Receiver Computer Packets की Serial Number को अनुसार Reassemble करते हैं और फिर से वह एक Information मैं परिवर्तन हो जाता है, जिसे User पढ़ सकता है और समझ भी सकता है. 

Internet Protocol (IP) क्या है

  • ए एक Addressing Protocol है TCP और IP दोनों Protocol एक साथ काम करता है. 
  • TCP Message को छोटे-छोटे Packets मैं Devide करता है. और Packet का एक IP Address होते हैं, और उस Address के इस्तेमाल से IP Packets को Receiver या Destination Computer तक पहुंचाने में मदद करता है. 
  • TCP/IP एक जैसा Protocol है. जब एक Computer Internet से जुड़ जाते हैं तब इसका IP Address देता है. जिससे हम Computer को Track सकते हैं. जिसे IP Address Tracking भी कहता है. 

Post Office Protocol (POP) क्या है

  • इस Protocol का इस्तेमाल Email Receive और Send करने के लिए क्या जाता है. 
  • Email कि कुछ दूसरे Protocol है जैसे SMPS (Simple Mail Transfer Protocol)

Simple Mail Transfer Protocol (SMTP) क्या है

  • Gmail, Yahoo, Mail, Hotmail, Rediffmail जैसा Company Email की Sent और Receive करने के लिए जिस Protocol का इस्तेमाल करते हैं उसका नाम है SMTP. 
  • जब तक Mail को भेजा जाता है तब Simple Mail Transfer Protocol Sender से Mail को Receive करके Mail को Inbox मैं भेजना है या दूसरी कोई Folder मैं भेजना है वह सारे काम SMTP की निगरानी में होता है. 

Hyper Text Transfer Protocol (HTTP) क्या है

  • HTTP का इस्तेमाल Hyper Text को 2 Computers के बीच में Share करने के लिए किया जाता है. 
  • Hyper Test भी एक तरीके का Text होते हैं. जिसको HTML Web Language की अंदर रखा जाता है. 
  • HTML (Hyper Text Markup Language ) का इस्तेमाल Web Designing के लिए किया जाता है. एक Website या Blog मैं सारे Codes, Text, Videos, Images, Gif आदि सब HTML की अंदर हो लिया जाता है. 
  • HTTP Client / Server Principal पर काय करता है. HTTP, Server के साथ एक सुरक्षित Connection Establish करता है, और एक Request भेजते हैं सब Server Request को Accept करते हैं और तब Client को पास एक Response भेजता है.

Ethernet क्या है

  • Ethernet एक जैसा Protocol है. जिसका इस्तेमाल LAN(Local Area Network) Communication मैं किया जाता है. 
  • वह Information को Digital Packets के रूप में भेजता है. जो भी Computer उस Protocol का इस्तेमाल करते हैं वह Ethernet Network Interface Card (NIC) का उपयोग करना आवश्यक है. 
  • जब एक तरह का Crd होते है जिसकी ऊपर एक Microchip होता है और उसमें Unique Address Coded करके वेजा जाता है. 

Telnet क्या है

  • यह भी एक प्रकार का Protocol है जिसे हम Local Area Network मैं इस्तेमाल करते हैं. इसका इस्तेमाल LAN मैं Remote Computer को Access करने के लिए किया जाता है. ( इसकी मदद से किसी भी Computer को दूर बैठे Access कर सकते हैं)
  • Web मे HTTP और FPP की मदद से किसी भी दूसरी Computer की Files को एक चीज करने की अनुमति देता है परंतु आप Log in नहीं कर सकते हैं लेकिन TELNET के द्वारा हम Remote Computer मैं Log in भी कर सकते हैं और Application, Data को Access भी कर सकते हैं. 

Gopher क्या है

  • Gopher वी एक Program है (Set of Rules) या Protocol है. 
  • ए वी Client Server Principal पै काम करता है. इसमें User Gopher Files है, उन्हें Local Computer मे Access कर सकते है. 
  • User को Text रूपी Interface प्रदान करते है यों Links को Menu के रूप मे दिखाया जाते है. वो सारे Links दूसरी Documents और Programs को Link है. उन Links को द्वारा User Data को अपने Remote Computer मे Access कर सकते है. 

File Transfer Protocol (FTP)

  • एक Network या Internet मे जब कभी भी एक File को भेजा जाता है तब उस Protocol का उपयोग किया जाता है. 
  • उदाहरण:- Program Files, Text Files और Multimedia Files (Video, Flash Flies). बेसे तो Data को हम HTTP के जरिए भी भेज सकते हैं लईकिन FTP मे Data या File को काफ़ी टीवी से भेज सकते हैं. 

Conclusion

दोस्तों इस आर्टिकल में हम आपको पूरी जानकारी दिया है. जैसे कि, इंटरनेट का फुल फॉर्म क्या है? Internet Kya hai? Internet कैसे काम करते हैं? Internet कितने प्रकार का होते हैं? ऐसे बहुत सारी चीजें आपको मैं यहां पर Details में समझाया हूं. अगर आपको और जी को जानना है तो आप हमें Comment करके बता सकते हैं. दोस्तों अगर आपको इस Internet के संबंधित Information अच्छा लगे तो अपने दोस्तों के साथ जरूर Share करना.

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